शिक्षा समाज का दर्पण है इसमें समाज के विकास एवं चिंतन कि छवि परिलक्षित होती है ,शिक्षार्थी कि अमूल्य निधि शिक्षा है जिसके खर्च करने अर्थात बाँटने से वृद्धि के साथ साथ आत्म संतोष मिलता है। हर्ष का विषय है कि आपके क्षेत्र का यह विद्यालय आपके सहयोग, सद्परामर्शो एवं कर्मठ शिक्षकों के कठिन परिश्रम के द्वारा विद्यालय में अध्ययनरत छात्र /छात्राओं ने ससम्मन स्थान प्राप्त कर विद्यालय परिवार के सुखद स्वप्न को साकार किया है साथ ही अपने पूज्य माता पिता का सम्मान बढ़ाया है।
विद्यालय कि स्थापना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के गरीब छात्र /छात्राओं हेतु शिक्षा का उत्तम प्रबंध करना है गरीबी के कारण अनेक ऐसे छात्र /छात्राये शिक्षा से वंचित रह जाते है। उन्हें शिक्षित कर क्षेत्र में शिक्षा का व्यापक प्रसार करना है। हमे विश्वास है कि आप सबके सहयोग से ग्रामीण आंचलों के छात्र /छात्राओं के कदम और अधिक दृणता से बढ़ेंगे तभी विद्यालय कि स्थापना का उद्देश्य सफल होगा।
श्री शिव दयाल गुप्त इण्टर कॉलेज सलेमपुर की स्थापना वर्ष 2010 में हुई थी। विद्यालय का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र की छात्राओं के शिक्षा को दृष्टिगत रखते हुए की गयी थी। प्रबंधक द्वारा जब ड्योढ़ी घाट जाना हुआ तो उस समय उन्होंने देखा की ग्रामीण क्षेत्रों की छात्राये खेतो में फूल तोड़ रही थी जब उनसे शिक्षा के संबंध में पूछा गया तो उन छात्राओं ने स्कूल दूर होने की बात कही। उसी समय प्रबंधक महोदया के मन में विद्यालय की स्थापना का विचार आया और विद्यालय की स्थापना की गयी। विद्यालय को विज्ञान वर्ग की इण्टर मान्यता है।
आस पास की ग्रामीण क्षेत्रों की बालिकाएं विद्यालय में अध्ययन करने आने लगी। विद्यालय की स्थापना से ग्रामीण क्षेत्रों की शिक्षा की कमी को पूरा किया जा रहा है और ये छात्राएं अपने ससुराल जाकर वहां पर शिक्षा की ज्योति जगा रही है।
इसमें दोनों परिवार शिक्षित हो रहे है। ग्रामीण क्षेत्रों के बालक / बालिकाएं स्व रोजगार एवं सरकारी नौकरियों में जा रहे है। विद्यालय से शिक्षा पाकर ग्रामीण क्षेत्रों में खुशहाली आयी है। विद्यालय में शिक्षक एवं शिक्षिकाएं अपने परिश्रम से छात्र / छात्राओं में स्वर्णिम भविष्य का निर्माण कर रहे है।